नई दिल्ली में संसद सदस्य, राज्य सभा के रूप में शपथ लेने के बाद श्री मोहम्मद हामिद अंसारी और श्रीमती सोनिया गांधी के साथ प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।

बुलेटिन बोर्ड

  • आंतरिक सुरक्षा पर बातचीत करते हुए प्रधान मंत्री हमें कुछ सफलताएं भी मिली हैं। विगत कुछ वर्षों में वामपंथी उग्रवाद दलों द्वारा की जाने वाली घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या में पर्याप्त कमी आई है तथा नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण करने की संख्या बढ़ी है। लेकिन, हाल ही में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों द्वारा किया गया भारी हिंसक हमला एक आघात है जो समय-समय पर घटित हो रहे हैं। केंद्र तथा राज्यों को ऐसे व्यापक हमलों को रोकने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने अपनी ओर से इस दिशा में कदम उठाना पहले ही शुरू कर दिया है। मंत्रिमंडल सचिव, गृह सचिव तथा मेरा कार्यालय एक ऐसे कार्य में लगे हुए हैं जिनसे वामपंथी उग्रवादियों...
  • आंतरिक सुरक्षा पर बातचीत करते हुए प्रधान मंत्री आंतरिक सुरक्षा पर पूर्व में आयोजित मुख्य मंत्रियों के सभी सम्मेलनों में आतंकवाद तथा अन्य सुरक्षा संबंधी चुनौतियों, चाहे वे आंतरिक हों अथवा बाह्य, से  निपटने के लिए केंद्रीय तथा राज्य एजेंसियों द्वारा सम्मिलित प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इस आवश्यकता की महत्ता के मद्देनजर मैं आप सभी से एक बार फिर अनुरोध करता हूं कि आप सभी यह पता लगाएं कि हम किस तरह केन्द्र तथा राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सकते हैं। मेरा यह भी मनना है कि अब आतंकवाद, सांप्रदायिक हिंसा तथा वामपंथी उग्रवाद  की चुनौतियों को व्यापक रूप में देखने का समय आ गया है। मुझे लगता है कि...
  • भारत जापान मैत्री संबंधों पर बातचीत करते प्रधान मंत्री भारत और जापान इस क्षेत्र के दो प्रमुख देश हैं। हमारी साझी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में शांति, सह-अस्तित्व और बहुलवाद के सिद्धांत निहित हैं। यह हमारी जिम्मेवारी है कि हम शांति, स्थिरता और सहयोग के वातावरण को बढ़ावा दें तथा सुरक्षा और समृद्धि की ठोस नींव रखें। इस संबंध में मैं सहयोग के तीन क्षेत्रों का सुझाव देना चाहूंगा। पहला, हमें ऐसी क्षेत्रीय व्यवस्थाओं तथा मंचों को सुदृढ़ करना होगा जिनसे परस्पर परामर्श तथा सहयोग की आदतें विकसित हों, मतभेदों को दूर करने के लिए परस्पर स्वीकार्य सिद्धांत तैयार हों, क्षेत्र में समरूपता लाने और समान चुनौतियों से निपटने...
  • भारत जापान मैत्री संबंधों पर बातचीत करते प्रधान मंत्री उगते हुए सूर्य वाले इस द्वीप में एशिया का पुनरूत्थान एक शताब्दी से पहले शुरु हुआ था। तब से जापान ने हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। एक प्रगतिशील एशिया भारत और जापान का एक साझा सपना है। इसलिए, विगत दशक में हमारे दोनों देशों ने साझा मूल्यों और साझा हितों पर आधारित एक नया संबंध स्थापित किया है। एक आधुनिक तथा ज्ञान पर आधारित औद्योगिक शक्ति के रूप में जापान का उत्थान भारत के महान राष्ट्रीय नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। दार्शनिक स्वामी विवेकानंद, कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर, इंजीनियर एम. विश्वेश्वरैया, देशभक्त सुभाष चंद्र बोस, राष्ट्र निर्माता जवाहरलाल नेहरू तथा कई अन्य...
  • चीन के प्रधान मंत्री श्री ली केकियांग के दौरे के अवसर पर भारत और चीन – दो पड़ोसी सभ्यताएं हैं और सदियों से शांतिपूर्ण तरीके से रहते आए हैं। हाल के दिनों में हमारे बीच कुछ मतभेद थे, लेकिन विगत 25 वर्षों में हमने धीरे-धीरे पारस्परिक लाभदायी संबंध स्थापित किए हैं। सीमाओं पर शान्ति और स्थिरता के कारण हमने सतत विकास और अपने संबंधों में विस्तार किया है। सीमा के मुद्दे के शीघ्र हल करने की इच्छा जताते हुए प्रधान मंत्री ली और मैं इस बात से सहमत हुए कि इस दिशा में प्रयास जारी रखे जाने चाहिए। हमारी अर्थव्यवस्था के त्वरित विकास से हमारे क्षेत्र तथा वैश्विक स्तर पर द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं। हमारी रणनीतिक आर्थिक वार्ता...

 

17 जून, 2013 को नई दिल्ली में राज्य सभा के सभापति श्री मोहम्मद हामिद अंसारी के चेंबर में संसद सदस्य, राज्य सभा के रूप में शपथ लेते हुए प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।

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